स्नेह और आशीर्वाद के साथ

09 अगस्त 2009

हम खेल रहे हैं अपनी बहिन के संग

आज बहुत दिनों बाद आपसे मिलना हो पा रहा है। एक तो घर में सभी व्यस्त थे तो किसी को हमारी बात सुनने का समय नहीं था और दूसरी बात ये थी कि हमारी तबियत खराब हो गई थी।
हमारी छोटी बहिन आई। वो और चाची अस्पताल में थे, इस कारण से दादी और चाचा को वहीं रुकना होता था। हमें दादी और चाचा के बिना बहुत खराब लग रहा था। पहले तो हम सोच रहे थे कि एक-दो दिन में सभी लोग घर बापस आ जायेंगे पर तीन दिन बाद भी जब ये लोग घर नहीं आये तो हमने दादी के लिए रोना शुरु कर दिया।
दादी और चाचा को याद करते हुए हम रोते और इसी कारण से हमारी तबियत बिगड़ गई। कल शाम से हालत सही हुई है और मजेदार बात ये हुई है कि आज ही सुबह चाची हमारी छोटी सी बहिन को लेकर घर आ गईं। हम बहुत ही खुश हुए उसको देखकर।
अब हमारी तबियत भी ठीक है तो हमने कहा कि आपसे दो-चार बातें कर ली जायें। इसके बाद हम फिर व्यस्त हो जायेंगे अपनी बहिन के साथ खेलने में।
बाकी कल हम आपको अपनी बहिन की सुंदर सुंदर सी फोटो दिखायेंगे। बिलकुल हमारी तरह है वह। आप देखना तब आपको भी ऐसा ही लगेगा।

2 टिप्‍पणियां:

Devendra ने कहा…

apni bahin ko bahut pyaar karna.

रंजन ने कहा…

अपना ख्याल रखना..

प्यार..