स्नेह और आशीर्वाद के साथ

30 अगस्त 2009

उफ़, एक बच्चे से इतना सारा काम

आजकल तो बड़ी समस्या हो गई है। हम अभी डेढ़ साल के भी नहीं हो पाये हैं और दीदी बन गये तो सबको लगता है कि जैसे बहुत बड़े हो गये हैं। अबतो घर के काम भी हमें करने होते हैं। छोटी बहिन को भी खिलाना होता है। उसे खिलाना ही अपने आप में बहुत बड़ा काम था कि हमारे ऊपर घर का काम भी डाल दिया।
अब आप ही देखिए, कैसे हमें कभी आँगन में तो कभी कमरे में वाइपर करना पड़ रहा है। हमें तो कुछ समझ नहीं आ रहा है कि क्या किया जाये? इस चक्कर में न तो टीवी देख पा रहे हैं और न ही कहीं घूमने जा पा रहे हैं। और तो और कभी कभी हम चुपचाप पढ़ भी लिया करते थे, अब पढ़ भी नहीं पा रहे हैं।
हमने चुपके से चाचा को दो तीन बार फोन भी कर दिया है। अभी चाचा बाहर हैं, जब चाचा बापस आयेंगे और सबको डाँट पड़ेगी तब मजा आयेगा। तब हम कहेंगे और करवाओ बच्चे से काम।
अभी चलते हैं हमारा छोटा बेबी, अरे आप लोग भूल जाते हैं, हमारी छोटी बहिन, इस समय रोने लगा है। चलें उसे थोड़ा सा प्यार कर लें और चुप भी करा दें। घर में तो कोई उस छोटे से बच्चे को खिला ही नहीं पाता है।

6 टिप्‍पणियां:

Devendra ने कहा…

mere bittu se itnaa kaam???? ham bhi jab aayenge to sabko dant lagayenge.

Fauziya Reyaz ने कहा…

are itna kaam , yaa rab itna kaam to bittu ki mummy bhi nahi karti hongi

LAKHAN LAL PAL ने कहा…

ham kal jab ghar aayen to tum hamen batan. ham sabse isase jyada kaam karwa lenge. theek....ab chinta na karo...

Udan Tashtari ने कहा…

ये तो ज्यादति है...आंदोलन करो..हम तुम्हारे साथ हैं बेटा... :)

AKSHAY KATOCH ने कहा…

tumhaare pitaji kya kar rahe the tab?

Dr.Aditya Kumar ने कहा…

कमेरी बिटिया सबकी प्यारी,
बहिन तुम्हारी भी हो न्यारी ,
अगर करोगी ऐसे काम,
ऊँचा होगा घर का नाम .