स्नेह और आशीर्वाद के साथ

02 नवंबर 2010

आज से ही आप सभी को दीपावली और धनतेरस की शुभकामनायें --अक्षयांशी

आज आप लोगों से बहुत दिनों बाद मिलना हुआ। इसका एक कारण तो हमारे घर में व्यस्तता का माहौल बना होना है।

आप
सभी को मालूम ही हो गया होगा कि इन दिनों हमारे पिताजी विधायक का चुनाव लड़ रहे हैं और उनके कारण ही घर में शेष लोग भी किसी न किसी रूप में उनकी मदद को लगे रहते हैं। इस कारण से हमें भी मौका नहीं मिला कि आप लोगों से बात कर लेते।




आज
समय निकाल कर आपसे बात करने इस कारण से और आ गये कि कम से कम दीपावली के पर्व पर तो आप सभी लोगों का आशीर्वाद ले लें और अपनी शुभकामनाएं दे दें।



ये चित्र गूगल छवियों से साभार

कल धनतेरस है, सभी लोग कुछ न कुछ सामान खरीदेंगे। कल हम भी पिताजी से जिद करेंगे कि थोड़ा सा समय निकाल कर बाजार चलें। कल हम पिताजी को जरूर बाजार ले जायेंगे और कुछ न कुछ सामान जरूर खरीदवायेंगे।
चलिए कल की कल से रही आप सभी को दीपावली और धनतेरस की शुभकामनाएं।

8 टिप्‍पणियां:

रानीविशाल ने कहा…

आपको भी सपरिवार प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ !!
अनुष्का

mahendra verma ने कहा…

आपका और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

माधव( Madhav) ने कहा…

आपको भी सपरिवार प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ

चैतन्य शर्मा ने कहा…

आप सबको भी दिवाली की शुभकामनायें

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

प्रेम से करना "गजानन-लक्ष्मी" आराधना।
आज होनी चाहिए "माँ शारदे" की साधना।।

अपने मन में इक दिया नन्हा जलाना ज्ञान का।
उर से सारा तम हटाना, आज सब अज्ञान का।।

आप खुशियों से धरा को जगमगाएँ!
दीप-उत्सव पर बहुत शुभ-कामनाएँ!!
--
आपकी प्यारी सी पोस्ट की चर्चा
बाल चर्चा मंच पर भी है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/11/27.html

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

प्रेम से करना "गजानन-लक्ष्मी" आराधना।
आज होनी चाहिए "माँ शारदे" की साधना।।

अपने मन में इक दिया नन्हा जलाना ज्ञान का।
उर से सारा तम हटाना, आज सब अज्ञान का।।

आप खुशियों से धरा को जगमगाएँ!
दीप-उत्सव पर बहुत शुभ-कामनाएँ!!
--
आपकी प्यारी सी पोस्ट की चर्चा
बाल चर्चा मंच पर भी है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/11/27.html

Akshita (Pakhi) ने कहा…

बहुत सुन्दर रही दीवाली...बधाई.

अले वाह, आज तो बाल दिवस है. सभी को बधाई और हम बच्चों को मिले मिठाई...

Disha Nirdesh ने कहा…

धनतेरस पूजा विधि
धनवंतरी को भगवान विष्णु का अंशावतार बताया गया है। समुद्र मंथन के समय जब देवता और दानव समुद्र मंथन कर रहे थे। हाथ में अमृत का कलश लिए भगवान धनवंतरी रत्न के रूप में प्रकट हुए।
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