कल सोलह जुलाई को हमारे छोटे चाचा का जन्मदिन था। चाचा तो बाहर सर्विस करते हैं और उनको छुट्टी न मिलने के कारण वे इस बार घर नहीं आ सके।
हम लोगों ने उन्हें सुबह-सुबह ही फोन से बधाई दे दी थी। रात को घर में बड़े चाचा ने मिठाई लाकर पूजा कर दी और भगवान को प्रसाद चढ़ा दिया।
चाचा पिछली बार घर पर थे और हम सभी ने जमकर मजा किया था। चाचा घर में सभी से छोटे हैं इस कारण सभी के प्यारे हैं। इस बार उनके घर पर न आने से सभी उदास थे, दादी तो विशेष रूप से।
हम आपको इस बार अपनी नई फोटो के साथ चाचा की बहुत पुरानी फोटो दिखाते हैं।
देखिये फोटो में ही कितने शैतान दिख रहे हैं और वे उतने शैतान हैं भी। हमें बहुत प्यार करते हैं और बहुत डराते भी हैं। यही छोटे चाचा हमें बिट्टू कह कर बुलाते हैं।
आपको एक और बात बतायें कि चाचा को लेखन का शौक नहीं है, इंटरनेट पर ब्लॉग के रूप में तो बिलकुल भी नहीं। इसके बाद भी उन्होंने हमारी फोटो और हमारे बारे में लिखा पढ़ने की खातिर ही अपना ब्लॉग बनाया है। इसी के द्वारा वे हमसे बातचीत भी कर लेते हैं (टिप्पणियों के रूप में)।
चाचाजी को हमारी ओर से जन्मदिन की शुभकामनाएँ।