स्नेह और आशीर्वाद के साथ

25 सितंबर 2010

ये कुछ खाया हमने और बना लिया गया वीडियो

हमारे पिताजी उधर खाना खाने के बाद सौंफ जरूर खाते हैं। उन्होंने एक डिब्बे में सौंफ रखकर पलंग पर ही रख दिया है। उनकी देखादेखी हमने भी सौंफ खाना शुरू कर दिया है।

पहली बर जब हमने सौंफ खाई तो हमें बहुत अच्छी लगी। इसके बाद तो हमें जब भी मौका लगता है हम चुपके से सौंफ का डिब्बा उठाकर सौंफ खाना शुरू कर देते हैं।

सौंफ हमें इतनी अच्छी लगती है कि एक-दो बार खाने के बाद मन ही नहीं मानता है। इस कारण से हम कई-कई बार लगातार सौंफ खा डालते हैं।

आज हम सौंफ खाने बैठे तो हमें पता ही नहीं चला कि कब हमारे पिताजी ने हमारा वीडियो बना लिया। हम भी सौंफ खाने में व्यस्त थे कि तभी हमने वीडियो बनता देखा तो चुपचाप डिब्बा बन्द करके रख दिया।

वीडियो आप भी देख लीजिए।



8 टिप्‍पणियां:

गजेन्द्र सिंह ने कहा…

बहुत सुन्दर ...........

पढ़िए और मुस्कुराइए :-
क्या आप भी थर्मस इस्तेमाल करते है ?

Akshita (Pakhi) ने कहा…

तो चोरी पकड़ी गई....पर वीडियो तो मजेदार बना है.
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'पाखी की दुनिया' में- डाटर्स- डे पर ड्राइंग !

Udan Tashtari ने कहा…

हा हा!! सौंफ खा रही हो कि खाना!. :)

चैतन्य शर्मा ने कहा…

majedaar hai yeh video to....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत ही बढ़िया वीडिओ है!
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आपकी पोस्ट की चर्चा "बाल चर्चा मंच"
पत्रिका पर भी है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/09/19.html

रंजन ने कहा…

कितनी शराफत से सौफ खाई है.. बस दो बार..


प्यार..

शुभम जैन ने कहा…

so sweet...

अक्षयांशी को यहाँ भी देखिये :
मिलिए ब्लॉग सितारों से