हमारे लिए एक बहुत छोटा सा किन्तु सुन्दर सा शेर लाया गया। शेर के साथ जेब्रा भी था। आपको आश्चर्य लग रहा होगा? पर डरिये नहीं क्योंकि शेर और जेब्रा असली नहीं थे।

अभी एक दिन हम पिताजी के साथ बाजार घूमने निकले तो बाजार में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर कुछ अंकल लोग रंगीन से खिलौने बेच रहे थे। हमने भी लेने को कहा।
उस समय सामान ज्यादा था तो पिताजी ने कुछ भी नहीं लिया और न ही उन अंकल के पास गाड़ी रोकी। हाँ अगले दिन शाम को हमारे लिए शेर और जेब्रा आ गये।
इन दोनों जानवरों के साथ एक हैलीकॉप्टर भी आया।
अब शेर तो आपको दिख रहा है किन्तु बेचारा जेब्रा तो दूसरे दिन ही फट गया। अब फटे जेब्रा की फोटो आपको दिखाते तो आपको भी बुरा लगता। अरे हमें ही बहुत बुरा लग रहा था।

हाँ, याद आया, हैलीकॉप्टर तो धागे से बाँधकर कमरे में लटका रखा है। जब पंखे की हवा चलती है तो गोल-गोल घूमता है। बड़ा मजा आता है।
अभी एक दिन हम पिताजी के साथ बाजार घूमने निकले तो बाजार में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर कुछ अंकल लोग रंगीन से खिलौने बेच रहे थे। हमने भी लेने को कहा।
उस समय सामान ज्यादा था तो पिताजी ने कुछ भी नहीं लिया और न ही उन अंकल के पास गाड़ी रोकी। हाँ अगले दिन शाम को हमारे लिए शेर और जेब्रा आ गये।
इन दोनों जानवरों के साथ एक हैलीकॉप्टर भी आया।
अब शेर तो आपको दिख रहा है किन्तु बेचारा जेब्रा तो दूसरे दिन ही फट गया। अब फटे जेब्रा की फोटो आपको दिखाते तो आपको भी बुरा लगता। अरे हमें ही बहुत बुरा लग रहा था।
हाँ, याद आया, हैलीकॉप्टर तो धागे से बाँधकर कमरे में लटका रखा है। जब पंखे की हवा चलती है तो गोल-गोल घूमता है। बड़ा मजा आता है।
8 टिप्पणियां:
really mind is without fear
सचमुच, आपकी पोस्ट बहुत बढ़िया है।
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इसकी चर्चा बाल चर्चा मंच पर भी है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/09/16.html
बहुत सुन्दर शेर पकड़ रखा है. बेचारा डर भी रहा है.
शेर को रुलाना नहीं ठीक
खुशा रहो और खूब खेलो
वाह, फिर तो खूब मजा आ रहा होगा....
Bachhe mujhe bhi behad pyare lagte hai... mere bhi chhote-chhote 2 bachhe hain. sach mein unkee baten kitne massom aur kabhi-kabhi bahut bholee liken sikshprad jaisee hoti hai...
Bahut achha laga aapka blog....
bahut shubhkaamnayne
aree wah ye sher to abhut sundar hai...lekin pyari akshayanshi se kam :)
god bless,
khush raho.
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